शिशु विकास

उम्र के हिसाब से बच्चे के सिर का घेरा: क्या सामान्य है?

जन्म से दो साल तक सिर का घेरा किस रफ़्तार से बढ़ता है, WHO की तालिका में क्या देखें, नाप में गलती कहाँ होती है, तालू कब बंद होता है, और किन हालात में डॉक्टर के पास जाने में देर नहीं करनी चाहिए।

सिर का घेरा तब सामान्य माना जाता है जब वह बच्चे की अपनी रेखा पर लगातार बढ़ता रहे। पहले तीन महीनों में यह लगभग हर महीने 2 सेंटीमीटर, तीन से छह महीने में लगभग 1 सेंटीमीटर और छह से बारह महीने में लगभग आधा सेंटीमीटर बढ़ता है। किसी एक दिन का अकेला नंबर नहीं, बढ़ने का पैटर्न मायने रखता है।

सिर का घेरा नापा ही क्यों जाता है

अस्पताल में जन्म के तुरंत बाद, और उसके बाद टीकाकरण या चेकअप के हर दौरे पर, नर्स या डॉक्टर बच्चे के सिर के चारों ओर एक फीता लपेटते हैं और एक नंबर लिख देते हैं। ज़्यादातर माता-पिता की नज़र वज़न पर टिकी रहती है और यह नंबर अनदेखा रह जाता है। डॉक्टर के लिए यही नंबर सबसे काम का होता है।

वजह सीधी है। पहले साल में खोपड़ी इसलिए बड़ी होती है क्योंकि उसके अंदर दिमाग बढ़ रहा होता है। इस उम्र में खोपड़ी की हड्डियाँ आपस में जुड़ी नहीं होतीं, वे अंदर से पड़ने वाले दबाव के साथ फैलती जाती हैं। इसी वजह से सिर का घेरा दिमाग की बढ़त पर नज़र रखने का एक सस्ता, दर्दरहित और बिना किसी मशीन वाला तरीका बन जाता है। न सुई, न स्कैन, बस एक फीता और दस सेकंड।

साथ ही यह अप्रत्यक्ष नाप है। यह नहीं बताता कि दिमाग कैसे काम कर रहा है, और न यह कि बच्चा आगे चलकर कितना होशियार होगा। यह सिर्फ़ इतना दिखाता है कि बढ़त की रफ़्तार उम्मीद के दायरे में है या नहीं।

भारत में मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड यानी MCP कार्ड पर, या निजी क्लिनिक की फ़ाइल में, अक्सर सिर्फ़ वज़न ही नियमित रूप से भरा जाता है। अगर आपके कार्ड पर सिर के घेरे वाला खाना खाली पड़ा है, तो अगली विज़िट पर उसे नापने और लिखवाने के लिए कहना पूरी तरह जायज़ है।

उम्र के अनुसार सिर का घेरा: WHO की तालिका

नीचे दी गई तालिका विश्व स्वास्थ्य संगठन के ग्रोथ स्टैंडर्ड से ली गई है। भारत में इस्तेमाल होने वाले ज़्यादातर ग्रोथ चार्ट इन्हीं मानकों पर बने हैं। तालिका में तीन रेखाएँ दी गई हैं: एक निचली, एक बीच वाली और एक ऊपरी। इन दोनों किनारों के बीच का पूरा इलाका सामान्य दायरा है, और उसमें बहुत सारे स्वस्थ बच्चे आते हैं।

लड़के: उम्र के अनुसार सिर का घेरा (सेंटीमीटर (सेमी))
उम्र3rd पर्सेंटाइल (निचली रेखा)50th पर्सेंटाइल (बीच की रेखा)97th पर्सेंटाइल (ऊपरी रेखा)
जन्म के समय32.134.536.9
1 माह35.137.339.5
2 माह36.939.141.3
3 माह38.340.542.7
4 माह39.441.643.9
5 माह40.342.644.8
6 माह41.043.345.6
9 माह42.645.047.4
12 माह43.646.148.5
15 माह44.346.849.3
18 माह44.947.449.9
2 साल45.748.350.8
लड़कियाँ: उम्र के अनुसार सिर का घेरा (सेंटीमीटर (सेमी))
उम्र3rd पर्सेंटाइल (निचली रेखा)50th पर्सेंटाइल (बीच की रेखा)97th पर्सेंटाइल (ऊपरी रेखा)
जन्म के समय31.733.936.1
1 माह34.336.538.8
2 माह36.038.340.5
3 माह37.239.541.9
4 माह38.240.643.0
5 माह39.041.543.9
6 माह39.742.244.6
9 माह41.343.846.3
12 माह42.344.947.5
15 माह43.145.748.2
18 माह43.646.248.8
2 साल44.647.249.8

फ़ोन पर पूरी तालिका देखने के लिए उसे बाएँ-दाएँ स्लाइड करें।

आँकड़े WHO Child Growth Standards से हैं और पूरे महीने पर जन्मे बच्चों पर लागू होते हैं; समय से पहले जन्मे बच्चों के लिए करेक्टेड ऐज या अपने डॉक्टर से मिला चार्ट इस्तेमाल करें।

यहाँ सबसे ज़रूरी बात यह समझना है कि पर्सेंटाइल एक तुलना है, कोई नंबर वाला रिज़ल्ट नहीं। यह बताता है कि इसी उम्र और इसी लिंग के बाकी बच्चों के मुक़ाबले आपका बच्चा कहाँ खड़ा है। निचली रेखा के पास होना ऊपरी रेखा के पास होने से खराब नहीं है, और ऊपर होना कोई इनाम नहीं है। दोनों जगह पूरी तरह सामान्य बच्चे होते हैं।

अगर पर्सेंटाइल की गिनती और चार्ट की रेखाएँ आपको उलझाती हैं, तो पर्सेंटाइल का मतलब और ग्रोथ चार्ट कैसे पढ़ें वाली गाइड में यह पूरा हिसाब आसान भाषा में समझाया गया है।

पहले साल में सिर कितनी तेज़ी से बढ़ता है

तालिका के नंबरों से ज़्यादा काम की चीज़ है रफ़्तार। ज़िंदगी के पहले साल में दिमाग जितनी तेज़ी से बढ़ता है, उतनी तेज़ी से फिर कभी नहीं बढ़ता, और सिर का घेरा उसी रफ़्तार को दिखाता है। मोटे तौर पर बढ़त इस तरह होती है:

  • जन्म से 3 महीने: लगभग 2 सेंटीमीटर हर महीने, यानी इन्हीं तीन महीनों में सबसे तेज़ बढ़त।
  • 3 से 6 महीने: लगभग 1 सेंटीमीटर हर महीने।
  • 6 से 12 महीने: लगभग आधा सेंटीमीटर हर महीने।
  • पहले साल के बाद: रफ़्तार काफ़ी धीमी हो जाती है, और दूसरे साल की पूरे साल की बढ़त पहले तीन महीनों की बढ़त से भी कम रह जाती है।

जोड़कर देखें तो पहले जन्मदिन तक सिर का घेरा जन्म के मुक़ाबले लगभग 12 सेंटीमीटर बढ़ चुका होता है। इससे यह भी समझ आता है कि दो महीने बाद वाली विज़िट पर नंबर का काफ़ी बढ़ा होना डरने की नहीं, उम्मीद की बात है। ये औसत रफ़्तारें हैं, हर बच्चे पर हूबहू लागू होने वाला नियम नहीं।

नाप कैसे लिया जाता है, और गड़बड़ कहाँ हो जाती है

तरीका जितना आसान दिखता है, गलती की गुंजाइश उतनी ही ज़्यादा है। सही नाप ऐसे लिया जाता है:

  • फीता ऐसा होना चाहिए जो खिंचे नहीं। दर्ज़ी वाला कपड़े का फीता इस्तेमाल से ढीला होकर खिंच जाता है, इसलिए क्लिनिक में प्लास्टिक, फ़ाइबर या कागज़ वाला टेप इस्तेमाल होता है।
  • फीता सिर के सबसे चौड़े हिस्से पर लपेटा जाता है: आगे भौंहों से थोड़ा ऊपर, दोनों कानों के ठीक ऊपर से होते हुए, और पीछे सिर के सबसे उभरे हुए हिस्से के ऊपर से।
  • फीता सिर से सटा हुआ रहे, न ढीला लटके, न इतना कसा हो कि त्वचा दब जाए।
  • दो या तीन बार नापा जाता है और उनमें से सबसे बड़ा नंबर लिखा जाता है।

अब गड़बड़ियाँ। घने या घुँघराले बाल, ऊपर बँधी चोटी या जूड़ा, बच्चे का हिलना और मचलना, फीते का एक तरफ ऊपर और दूसरी तरफ नीचे रह जाना, इनमें से कोई भी नंबर को आधा सेंटीमीटर या उससे ज़्यादा बदल सकता है। यही वजह है कि दो अलग जगहों पर लिए गए नाप अक्सर मेल नहीं खाते, और उसका मतलब यह नहीं होता कि बच्चे में कुछ बदल गया है।

एक नाप से कहानी नहीं बनती। अगर आज का नंबर पिछली बार से अजीब लग रहा है, तो सबसे पहले यह देखें कि नाप किसने, किस फीते से और किस दिन लिया। तीन विज़िट के नाप मिलकर जो रेखा बनाते हैं, वह किसी एक दिन के नंबर से कहीं ज़्यादा भरोसेमंद होती है।

नवजात के सिर की बनावट, मोल्डिंग और एक तरफ का चपटापन

जन्म के बाद पहली बार बच्चे को देखकर कई माता-पिता चौंक जाते हैं। सिर लंबा, ऊपर से नुकीला या एक तरफ को ढला हुआ दिख सकता है। नॉर्मल डिलीवरी के बाद यह बहुत आम है। जन्म के रास्ते से निकलते समय खोपड़ी की नरम हड्डियाँ एक-दूसरे के ऊपर थोड़ा सरक जाती हैं, इसे मोल्डिंग कहते हैं। यह कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ़्तों में अपने आप ठीक हो जाता है, बिना कुछ किए। सिज़ेरियन से जन्मे बच्चों का सिर अक्सर शुरू से ही गोल होता है, और इसका कोई मतलब नहीं निकाला जाता।

दूसरी आम बात है सिर का पीछे या किसी एक तरफ से चपटा हो जाना, जिसे पोज़िशनल प्लेजियोसेफली कहते हैं। छोटे बच्चे दिन का बड़ा हिस्सा पीठ के बल लेटे रहते हैं, गर्दन अभी कमज़ोर होती है, और अक्सर वे सिर को एक ही पसंदीदा तरफ घुमाकर सोते हैं। एक ही जगह लगातार दबाव पड़ने से खोपड़ी की नरम हड्डी वहाँ थोड़ी चपटी हो जाती है। यह ज़्यादातर लेटने की स्थिति का मामला होता है, दिमाग का नहीं।

जो चीज़ें आमतौर पर मदद करती हैं, वे बहुत सादी हैं: जागते समय बच्चे को थोड़ी-थोड़ी देर पेट के बल रखना, गोद में और बिस्तर पर उसका रुख बदलते रहना, खिलौने और आवाज़ को उस तरफ रखना जिस तरफ बच्चा कम घूमता है, और दूध पिलाते समय साइड बदलते रहना। इसे जितनी जल्दी डॉक्टर के सामने उठाया जाए, ये उपाय उतना ही असर करते हैं, इसलिए अगली विज़िट का इंतज़ार न करें।

राई या सरसों के दानों वाला तकिया, गोल गड्ढेदार तकिया, या मालिश के समय हाथ से दबाकर सिर गोल करने की कोशिश भारत के घरों में बहुत आम सलाह है। खोपड़ी की बढ़त इन तरीकों से तय नहीं होती। साथ ही, सोते हुए छोटे बच्चे के बिस्तर में तकिया या नरम सामान रखना अपने आप में एक अलग सुरक्षा सवाल है, इसलिए ऐसी कोई भी चीज़ इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से पूछ लें। और अगर चपटापन घटने के बजाय बढ़ रहा है, तो आगे क्या करना है यह देखकर डॉक्टर ही तय करेंगे; बाज़ार या इंटरनेट से कोई हेलमेट, बैंड या उपकरण अपने मन से न लें।

तालू यानी सिर की नरम जगह

नवजात की खोपड़ी की हड्डियों के बीच नरम जगहें होती हैं, जिन्हें घर की भाषा में अक्सर तालू कहा जाता है। पीछे वाली छोटी नरम जगह आमतौर पर लगभग दो से तीन महीने की उम्र तक बंद हो जाती है। ऊपर आगे वाली बड़ी नरम जगह आमतौर पर लगभग नौ से अठारह महीने के बीच बंद होती है। इसमें बच्चों के बीच काफ़ी फ़र्क़ हो सकता है, इसलिए दस महीने पर बंद होना और सोलह महीने पर खुला रहना, दोनों ही असामान्य नहीं हैं।

उस जगह पर हल्की धड़कन दिखना सामान्य है, वहाँ त्वचा के नीचे खून की नसें हैं। बाल धोना, कंघी करना, टोपी पहनाना और सामान्य तरीके से गोद में उठाना, इनसे तालू को कोई नुकसान नहीं होता, क्योंकि उसके ऊपर एक मज़बूत झिल्ली होती है। हाँ, उस पर ज़ोर से दबाना या मालिश के दौरान वहाँ दबाव डालना ठीक नहीं।

दो हालात ऐसे हैं जिनमें इंतज़ार बिलकुल नहीं करना चाहिए। पहला, तालू का अंदर की तरफ धँसा हुआ दिखना। दूसरा, तालू का उभरा और तना हुआ महसूस होना जब बच्चा शांत हो और सीधा बैठा या गोद में सीधा उठाया हुआ हो। रोते या ज़ोर लगाते समय तालू का थोड़ा उभरना सामान्य है, लेकिन शांत और सीधी हालत में तना हुआ उभार तुरंत डॉक्टर को दिखाने की बात है।

कब सिर का नाप सचमुच जाँच माँगता है

सबसे पहले राहत की बात। सिर के आकार में परिवार का बहुत बड़ा हाथ होता है। अगर माँ, पिता या भाई-बहन का सिर बड़ा या छोटा रहा है, तो बच्चे का सिर भी लगातार ऊपरी या निचली रेखा के आसपास चल सकता है और फिर भी सब ठीक हो सकता है। शर्त सिर्फ़ एक है: वह अपनी ही रेखा के साथ-साथ, स्थिर रफ़्तार से बढ़ता रहे।

डॉक्टर अकेले नंबर को नहीं, पैटर्न को देखते हैं। जिन पैटर्न पर वे रुककर सोचते हैं, वे ये हैं:

  • घेरा तेज़ी से एक के बाद एक ऊपर की रेखाएँ पार करता जाए
  • घेरा बढ़ना लगभग रुक जाए, या रेखाओं से नीचे खिसकता जाए
  • सिर की बढ़त, वज़न और लंबाई की बढ़त से बिलकुल अलग दिशा में जाए
  • दो विज़िट के बीच बहुत अचानक और बड़ा उछाल दिखे, जिसकी वजह नाप का तरीका न हो

इनमें से कुछ भी दिखे तो देर किए बिना डॉक्टर से मिलें। इंटरनेट पर बीमारियों के नाम खोजने से फ़ायदा नहीं होता, क्योंकि एक जैसी दिखने वाली रेखा के पीछे कई अलग वजहें हो सकती हैं।

इन हालात में तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ:

  • तालू धँसा हुआ लगे, या बच्चे के शांत और सीधे रहने पर भी वह उभरा और तना हुआ लगे
  • बार-बार उल्टी, असामान्य सुस्ती, दूध छोड़ देना, या ऐसा तेज़ रोना जो किसी तरह शांत न हो
  • दौरे जैसा कोई झटका, या आँखों की असामान्य हरकत
  • सिर सँभालना, पलटना, बैठना जैसे माइलस्टोन रुक जाएँ या पीछे चले जाएँ
  • सिर पर चोट लगने के बाद व्यवहार, नींद या सिर की बनावट में बदलाव
  • एक तरफ का चपटापन कुछ हफ़्तों में बढ़ता जाए, या गर्दन एक ही तरफ अटकी लगे
  • सिर की बढ़त को लेकर आपके मन में लगातार बेचैनी बनी रहे, चाहे नंबर ठीक लग रहे हों

नंबर बदलने के लिए खुराक न बदलें। सिर का घेरा या कोई भी ग्रोथ नंबर ऊपर लाने के लिए फ़ॉर्मूला जोड़ना, ऊपर से दूध पिलाना, दूध गाढ़ा करना, ठोस आहार जल्दी शुरू करना या कुछ कम कर देना, इनमें से कुछ भी अपने मन से न करें। फ़ीडिंग में किसी भी बदलाव का फ़ैसला डॉक्टर के देखने और कहने पर ही होना चाहिए।

और आख़िर में एक बात साफ़ कह देना ज़रूरी है। चार्ट जितना दिखा सकता है, उससे ज़्यादा भरोसा यह पेज आपको नहीं दिला सकता। यह आपको यह नहीं बता सकता कि आपका बच्चा स्वस्थ है या नहीं। यह सिर्फ़ आपके डॉक्टर बता सकते हैं, जो नंबर के साथ-साथ पूरे बच्चे को देखते हैं।

हर नाप एक जगह, ताकि रेखा दिखे

BabyMind में आप बच्चे की लंबाई, वज़न और सिर का घेरा दर्ज करके समय के साथ उनका ट्रेंड देख सकते हैं, ताकि अगली विज़िट पर पूरा रिकॉर्ड आपके पास हो। यह ऐप WHO की आधिकारिक पर्सेंटाइल रेखाएँ नहीं बनाता, कोई जाँच या निदान नहीं करता, और क्लिनिक में लिए गए नाप की जगह नहीं लेता।

BabyMind डाउनलोड करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेरे बच्चे का सिर उम्र के हिसाब से छोटा लग रहा है, क्या यह चिंता की बात है?

अकेला नंबर देखकर कुछ तय नहीं होता। अगर घेरा हर विज़िट पर अपनी ही रेखा के साथ-साथ स्थिर रफ़्तार से बढ़ रहा है, और परिवार में भी सिर छोटे रहे हैं, तो यह अक्सर पारिवारिक बनावट होती है। ध्यान इस पर दें कि रेखा की दिशा बदल तो नहीं रही। घबराहट हो तो डॉक्टर से पिछले सभी नाप एक साथ देखने को कहें, क्योंकि आपके बच्चे के बारे में फ़ैसला सिर्फ़ वही ले सकते हैं जो पूरे बच्चे को देखते हैं।

क्या सिर बड़ा होने का मतलब बच्चा ज़्यादा होशियार होगा?

नहीं। सिर का घेरा सिर्फ़ यह दिखाता है कि खोपड़ी किस रफ़्तार से बढ़ रही है, जो अंदर दिमाग के बढ़ने का अप्रत्यक्ष संकेत है। यह इस बारे में कुछ नहीं बताता कि दिमाग कैसे काम करेगा, बच्चा कितना सीखेगा या पढ़ाई में कैसा रहेगा। ऊपर की रेखा के पास होना कोई इनाम नहीं है और नीचे की रेखा के पास होना कोई कमी नहीं।

क्या घर पर इंच टेप से सिर नाप सकते हैं?

नाप लेकर अपने रिकॉर्ड में लिखना ठीक है, लेकिन उसे क्लिनिक के नाप की जगह न समझें। दर्ज़ी वाला कपड़े का फीता खिंच जाता है, बच्चा हिलता है, और बाल तथा फीते की जगह मिलकर नंबर को आधा सेंटीमीटर या उससे ज़्यादा बदल सकते हैं। फ़ैसले के लिए जो नाप गिना जाता है, वह क्लिनिक में एक ही तरीके से लिया गया नाप है।

तालू कब तक बंद होता है, और क्या उसे छूना खतरनाक है?

पीछे वाली छोटी नरम जगह आमतौर पर लगभग दो से तीन महीने में और आगे वाली बड़ी नरम जगह आमतौर पर लगभग नौ से अठारह महीने के बीच बंद होती है। हल्की धड़कन दिखना सामान्य है। बाल धोना, कंघी करना और सामान्य तरीके से गोद में उठाना सुरक्षित है, बस उस पर ज़ोर से दबाव न डालें। तालू धँसा हुआ लगे, या बच्चे के शांत और सीधे रहने पर भी उभरा और तना हुआ लगे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।

बच्चे का सिर एक तरफ से चपटा हो गया है, क्या राई का तकिया लगाना चाहिए?

एक तरफ का चपटापन छोटे बच्चों में आम है और ज़्यादातर लेटने की स्थिति से आता है, दिमाग से नहीं। राई या सरसों के दानों वाला तकिया या मालिश में सिर दबाकर आकार देना खोपड़ी की बढ़त नहीं बदलता, और सोते बच्चे के बिस्तर में कोई भी सामान रखना अपने आप में एक अलग सुरक्षा सवाल है, इसलिए पहले डॉक्टर से पूछें। जो मदद करता है वह सादा है: जागते समय पेट के बल थोड़ा समय और दिन भर बच्चे का रुख बदलते रहना। इसे जल्दी डॉक्टर के सामने उठाएँ, और कोई हेलमेट या उपकरण अपने मन से न लें।

क्या दूध या खुराक बढ़ाने से सिर का घेरा बढ़ेगा?

सिर के घेरे का नंबर ऊपर लाने के लिए फ़ीडिंग में बदलाव अपने मन से बिलकुल न करें। फ़ॉर्मूला जोड़ना, ऊपर से दूध देना, दूध गाढ़ा करना या ठोस आहार जल्दी शुरू करना, ये सब ऐसे फ़ैसले हैं जो बच्चे को देखने वाले डॉक्टर के कहने पर ही होने चाहिए। सिर की बढ़त की रेखा एक जानकारी है, उसे नंबर की तरह ठीक करने की चीज़ नहीं समझा जाता।