बच्चे का विकास

टमी टाइम क्या होता है: कब से शुरू करें, उम्र के हिसाब से कितनी देर और कैसे

टमी टाइम का मतलब है जागते बच्चे को आपकी निगरानी में कुछ देर पेट के बल रखना। यहाँ आंकड़े स्रोत के नाम के साथ हैं, वे तरीके भी जो रोने वाले बच्चे के लिए आसान रहते हैं, और एक बात जो हर बार याद रखनी है: सोना हमेशा पीठ के बल।

टमी टाइम घर आने के दिन से शुरू हो सकता है। AAP शुरुआत में दिन में 2-3 बार, 3-5 मिनट कहती है और 7 हफ़्ते तक रोज़ 15-30 मिनट। WHO और NHS अभी न खिसकने वाले बच्चों के लिए दिन भर में बाँटकर कम से कम 30 मिनट कहते हैं। बच्चा जागा हो और आप साथ हों।

WHO की परिभाषा सीधी है: जागते हुए पेट के बल का समय, जिसमें हाथ-पैर खुलकर हिल सकें। अमेरिका का NICHD इसमें जोड़ता है कि कोई देख रहा हो। अगर आपका बच्चा दो मिनट में ही रोने लगता है, तो यह आम बात है, और आपने कुछ ग़लत नहीं किया।

उम्र के हिसाब से बच्चे को कितना टमी टाइम चाहिए?

किसी भी स्रोत में महीने-दर-महीने का आधिकारिक चार्ट नहीं मिला। इसलिए तालिका में वही है जो किसी स्रोत ने कहा है, उसके नाम के साथ।

उम्रमिनट या पड़ावस्रोत
घर आने के दिन सेदिन में 2-3 बार, हर बार 3-5 मिनटAAP, NICHD (जन्म के एक-दो दिन बाद से)
7 हफ़्ते तकधीरे-धीरे रोज़ 15-30 मिनटAAP
करीब 2 महीनेरोज़ कुल 15-30 मिनट, पेट के बल सिर उठानाNICHD, CDC
3-4 महीनेरोज़ करीब 20-30 मिनट, 4 महीने तक कोहनियों या बाँहों पर उठनाBerkshire NHS (स्थानीय), CDC
6 महीने तकपेट से पीठ पर पलटना, सीधी बाँहों पर उठनाCDC
जब तक ख़ुद खिसकने न लगेदिन भर में बाँटकर कम से कम 30 मिनटWHO, NHS

ये 30 मिनट एक साथ नहीं करने हैं। WHO सिर्फ़ रोज़ का कुल समय बताता है, न सत्र की लंबाई, न शुरू करने की उम्र। रोकने की कोई तय उम्र भी नहीं मिलती: WHO अभी न खिसकने वाले बच्चों की बात करता है, Berkshire NHS ख़ुद पलटने तक की, और AAP 3-6 महीने में अभ्यास जारी रखने को कहती है। WHO के अनुसार कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के अध्ययनों में करीब 30% बच्चे ही उसकी सिफ़ारिश पूरी कर रहे थे, इसलिए कम होने पर ख़ुद को दोष मत दीजिए।

टमी टाइम कब से शुरू करें?

AAP कहती है कि घर आने के दिन से, और हो सके तो अस्पताल से ही, क्योंकि जल्दी शुरू करने पर बच्चा इस मुद्रा को आसानी से अपनाता है। NHS के अनुसार जन्म से अपने सीने पर लिटाकर शुरू कर सकते हैं, पर तभी जब आप पूरी तरह जागे हों और नींद आने की संभावना न हो। नाभि की नाल गिरने से पहले AAP पेट से पेट लगाकर लिटाने को कहती है: आप आराम से टेक लगाकर, सिर के नीचे तकिया, और पूरी तरह जागे हुए।

टमी टाइम कैसे करें?

  • समय: डायपर बदलने के बाद या झपकी से उठने पर (AAP)। दूध के तुरंत बाद नहीं, क्योंकि असहज लगेगा (East of England NHS, स्थानीय)।
  • जगह: साफ़ फ़र्श या चटाई, चादर ऐसी कि फिसले नहीं। समतल, स्थिर जगह, सीढ़ियों और अलमारियों से दूर, नुकीली या छोटी चीज़ों से ख़ाली। सोफ़े या पलंग पर नहीं, बच्चा लुढ़ककर गिर सकता है।
  • कपड़े: बॉडीसूट, या कमरा गर्म हो तो सिर्फ़ डायपर (AAP)।
  • साथ: सामने बैठिए या खिलौना पहुँच के पास रखिए। खिलौने गोल घेरे में रखने से वह अलग-अलग दिशा में हाथ बढ़ाता है (AAP)।
  • सहारा: बाँहों के नीचे लपेटा हुआ छोटा तौलिया (NICHD, NHS)।
  • निगरानी: फ़ोन बजे या कोई बुलाए, तब भी बच्चे को अकेला न छोड़ें। AAP इसे दम घुटने से बचाव के लिए ज़रूरी कहती है।

अगर बच्चे को टमी टाइम पसंद नहीं

NHS के अनुसार यह बहुत आम है। Oxford Health NHS बताता है कि सिर उठाना शुरू में मेहनत का काम है, और फ़र्श से बच्चा अक्सर आपको देख नहीं पाता। किसी स्रोत ने रोते हुए भी जारी रखने को नहीं कहा, सब आसान मुद्राएँ सुझाते हैं:

  • सीने पर: पेट से पेट, आपका चेहरा उसके सामने, और आप पूरी तरह जागे हुए। बात कीजिए, गाइए।
  • गोद में: घुटना थोड़ा ऊँचा करके, छाती के नीचे सहारा, ताकि वह कम सपाट हो (NHS Grampian)। सिर को सहारा देकर और शरीर की सीध में (AAP)।
  • कंधे पर: आपकी ओर मुँह करके (East of England NHS)। डकार वाली मुद्रा भी गिनी जाती है (NHS Grampian)।
  • करवट पर: AAP पेट के बल न सह पाने वाले बच्चे के लिए कंबल पर करवट लिटाने को कहती है, पीठ के पीछे लपेटा तौलिया, दोनों हाथ सामने। यह सिर्फ़ जागते, निगरानी वाले खेल के लिए है, नींद के लिए कभी नहीं।
  • थोड़ा-थोड़ा: हर डायपर बदलने पर 1-2 मिनट (NHS Grampian)। वहीं के अनुसार बच्चा थोड़ा भी आगे झुका हो, तो वह भी टमी टाइम है।

रिफ़्लक्स में टमी टाइम: मुद्रा और दूध के आस-पास का समय

AAP कहती है कि रिफ़्लक्स की बीमारी वाले, समय से पहले जन्मे या विशेष ज़रूरत वाले बच्चों के लिए पहले डॉक्टर से पूछ लीजिए। NHS Grampian के अनुसार कुछ बच्चों को रिफ़्लक्स से असहजता होती है, और वहाँ ऊपर की सीधी मुद्राएँ काम आती हैं। दूध और डकार के बाद AAP 10-15 मिनट बच्चे को सीधा रखने को कहती है। टमी टाइम रिफ़्लक्स का इलाज नहीं है, और किसी स्रोत में यह नहीं मिला कि वह इसे पैदा करता या बढ़ाता है।

टमी टाइम के फ़ायदे, और सबूत कितने मज़बूत हैं

NICHD के अनुसार इससे गर्दन, कंधे और बाँहों की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं, मोटर स्किल बेहतर होते हैं, और सिर के पीछे चपटापन रोकने में मदद मिलती है। 16 अध्ययनों (4,237 प्रतिभागी, 8 देश) की एक समीक्षा में यह मोटर और कुल विकास, BMI-z स्कोर कम होने, सिर के आकार की एक स्थिति (ब्रैकीसेफ़ली) से बचाव, और पेट के बल, पीठ के बल, घुटनों पर चलने और पलटने की क्षमता से जुड़ा मिला।

वहीं सामाजिक और बौद्धिक विकास, सिर के एक तरफ़ चपटेपन (प्लेजियोसेफ़ली), चलने, खड़े होने और बैठने से इसका संबंध अनिश्चित रहा, और बारीक मोटर स्किल और बातचीत से कोई संबंध नहीं मिला। ज़्यादातर अध्ययन अवलोकन वाले थे। WHO भी अपनी सिफ़ारिश को मज़बूत, पर बहुत कम गुणवत्ता वाले सबूतों पर आधारित बताता है। इसलिए यह मानना ठीक नहीं कि टमी टाइम से बुद्धि बढ़ेगी या सिर कभी चपटा नहीं होगा, और यह भी नहीं कि कुछ दिन छूटने से नुकसान हो गया।

चपटेपन से बचने के लिए AAP पालने में पैरों की दिशा बदलते रहने, झूले, बाउंसर और कार सीट का समय सीमित रखने, गोद में उठाने और दूध पिलाने की तरफ़ बदलने को भी कहती है।

रोज़ का हिसाब लिखना चाहें तो फ़ीडिंग और डायपर ट्रैकर देखिए, पर यह ज़रूरी नहीं।

टमी टाइम लिखिए, याद दिलवाइए

Babymind की रोज़ की देखभाल में अवधि दर्ज होती है, रोज़ का लक्ष्य चुन सकते हैं (शुरुआती सेटिंग 20 मिनट, बदली जा सकती है) और चाहें तो रोज़ का रिमाइंडर लगा सकते हैं। ऐप कहता है: तभी करें जब शिशु जागा हो और आप पास हों। 20 मिनट ऐप की सेटिंग है, मेडिकल लक्ष्य नहीं। एंट्री और रिमाइंडर मुफ़्त हैं। यह निदान नहीं करता।

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क्या टमी टाइम सुरक्षित है? खेल जागते हुए, नींद हमेशा पीठ के बल

NICHD साफ़ कहता है कि टमी टाइम सीधे SIDS का ख़तरा नहीं घटाता। वही संस्था बताती है कि पीठ के बल सोने वाले बच्चे को पेट या करवट पर सुलाने से SIDS का ख़तरा 45 गुना तक बढ़ सकता है। पूरी जानकारी यहाँ है: सुरक्षित शिशु नींद और SIDS।

  • हर नींद, झपकी भी, पीठ के बल, रिफ़्लक्स और समय से पहले जन्मे बच्चों के लिए भी। जल्दी जन्मे बच्चों के लिए NHS सुरक्षित नींद की सलाह एक साल तक मानने को कहती है, गिनती जन्म की तारीख़ से नहीं, नियत तारीख़ (due date) से।
  • बच्चा पेट, सीने या गोद पर ऊँघने लगे, तो उसे पीठ के बल उसकी अपनी सख़्त, समतल जगह पर लिटा दीजिए।
  • बच्चे 2 महीने में ही पलटना शुरू कर सकते हैं (NICHD)। पलटना शुरू करते ही, आम तौर पर करीब 3 महीने पर, कसकर लपेटना बंद करें। एक ही तरफ़ पलटे तो वापस पीठ पर कर दीजिए। दोनों तरफ़ ख़ुद पलटने लगे तो पीठ के बल लिटाने के बाद उसकी चुनी मुद्रा में छोड़ सकते हैं।
  • पालने का सिरहाना ऊँचा न करें। वेज, पोज़िशनर, नेस्ट, झुके स्लीपर या सिर को आकार देने वाले तकिए इस्तेमाल न करें।

डॉक्टर से टमी टाइम की बात कब करें

तुरंत: आपातकालीन नंबर

NHS के अनुसार: बच्चा साँस लेना बंद कर दे, न जागे, साँस के लिए जूझे, अकड़े, काँपे या झटके आएँ, होंठ, जीभ, चेहरा या त्वचा अचानक फीकी, नीली या स्लेटी पड़े, या शरीर ढीला पड़े और वह आम तरह से जवाब न दे, जैसे सिर का आगे, पीछे या एक तरफ़ लुढ़कना। यह अचानक का बदलाव है, धीरे-धीरे बनने वाली गर्दन की ताक़त से अलग बात।

डॉक्टर से बात कीजिए

  • विकास: CDC कहता है कि बच्चा पड़ाव पूरे न कर रहा हो, सीखा हुआ भूल जाए या कोई और चिंता हो, तो इंतज़ार न करें। स्थानीय NHS सेवाएँ: 4 महीने तक पेट के बल सिर न उठाना, 6 महीने तक पलटने की कोशिश न दिखना (Oxford), बाँहों पर न उठ पाना और सुधार न होना (Berkshire)। NHS: 12 महीने तक हिलने-डुलने के संकेत नहीं। ये हर बच्चे के नियम नहीं, बात करने के कारण हैं।
  • सिर का आकार: AAP का तरीका है नहाने के बाद गीले बालों में देखना: सिर का पिछला हिस्सा गोल हो, कान बराबर हों। असमान लगे या सिर पर उभरी लकीरें महसूस हों, तो दिखाइए। चपटापन और क्रैनियोसिनोस्टोसिस में फ़र्क़ डॉक्टर ही बता सकते हैं, और टमी टाइम दूसरे को ठीक नहीं करता। AAP चपटे सिर में छोटे सत्रों में रोज़ एक घंटे तक टमी टाइम की, और मध्यम या गंभीर चपटापन 5-6 महीने तक न सुधरे तो हेलमेट की बात करती है, इसलिए इंतज़ार न करें। AAP के अनुसार स्थिति से बना चपटापन दिमाग़ के विकास पर असर नहीं डालता, पर यह फ़र्क़ डॉक्टर के देखने के बाद ही तय होता है।
  • गर्दन: सिर हमेशा एक तरफ़ झुका या मुड़ा रहे, या पेट के बल हमेशा चेहरे की एक ही तरफ़ नीचे रहे। AAP के अनुसार यह ज़्यादातर टॉर्टिकोलिस होता है और जल्दी इलाज चाहिए। सुनने या आँखों की दिक्कत जैसी दूसरी वजहें भी हो सकती हैं, इसलिए जाँच ज़रूरी है।
  • रिफ़्लक्स: NHS कहती है कि न सुधरे, 6 महीने के बाद पहली बार हो, 1 साल के बाद भी चले, या वज़न न बढ़े या घटे, तो डॉक्टर को दिखाइए।
  • रिफ़्लक्स, उसी दिन: हरी, पीली या खून वाली उल्टी, फव्वारे जैसी उल्टी, पॉटी में खून, सूजा या दर्द वाला पेट, बहुत तेज़ बुखार, गर्मी, ठंड या कँपकँपी, बार-बार उल्टी और कुछ न टिकना, एक हफ़्ते से ज़्यादा दस्त, पानी की कमी, शांत न होना, दूध से इनकार, या कोई और चिंता।

स्रोत

इस गाइड के तथ्य और आँकड़े नीचे दिए स्रोतों से जाँचे गए हैं। और जानें: हम अपनी गाइड कैसे बनाते हैं।

  1. Guidelines on physical activity, sedentary behaviour and sleep for children under 5 years of age. World Health Organization, 2019
  2. Back to Sleep, Tummy to Play: Give Your Baby a Safe, Strong Start. American Academy of Pediatrics, HealthyChildren.org
  3. 3 Tummy Time Activities to Try With Your Baby. American Academy of Pediatrics, HealthyChildren.org
  4. When a Baby's Head is Misshapen: Positional Skull Deformities. American Academy of Pediatrics, HealthyChildren.org
  5. Head Tilt (Torticollis). American Academy of Pediatrics, HealthyChildren.org
  6. What is the safest sleep solution for my baby with reflux?. American Academy of Pediatrics, HealthyChildren.org
  7. Tummy Time for a Healthy Baby. NICHD, U.S. National Institutes of Health, Safe to Sleep
  8. Ways to Reduce Baby's Risk. NICHD, U.S. National Institutes of Health, Safe to Sleep
  9. Physical activity guidelines for children (under 5 years). NHS
  10. Baby moves. NHS, Best Start in Life
  11. Reflux in babies. NHS
  12. Tummy time: When? Why? How? A family-friendly guide. NHS Grampian, Royal Aberdeen Children's Hospital Physiotherapy Department, October 2019
  13. Tummy time. Berkshire Healthcare NHS Foundation Trust
  14. Hewitt L, Kerr E, Stanley RM, Okely AD. Tummy Time and Infant Health Outcomes: A Systematic Review. Pediatrics, 2020 (abstract via PubMed; DOI 10.1542/peds.2019-2168)
  15. Milestones by 2 Months. CDC, Learn the Signs. Act Early.
  16. Milestones by 4 Months. CDC, Learn the Signs. Act Early.
  17. Milestones by 6 Months. CDC, Learn the Signs. Act Early.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टमी टाइम क्या होता है?

जागते हुए बच्चे को कुछ देर पेट के बल रखना, जब कोई बड़ा साथ हो। WHO इसे ऐसा समय कहता है जिसमें हाथ-पैर खुलकर हिल सकें। यह फ़र्श पर, आपके सीने पर या गोद में भी हो सकता है।

टमी टाइम कब से शुरू करें?

AAP के अनुसार घर आने के दिन से, और NICHD के अनुसार ज़्यादातर बच्चों में जन्म के एक-दो दिन बाद से। शुरुआत दिन में 2-3 बार, 3-5 मिनट से होती है। समय से पहले जन्मे या विशेष ज़रूरत वाले बच्चों के लिए पहले डॉक्टर से पूछ लीजिए।

क्या बच्चे को पेट के बल सुलाना चाहिए?

नहीं। हर नींद, झपकी भी, पीठ के बल ही होनी चाहिए, और NICHD के अनुसार करवट या पेट के बल सोना सुरक्षित नहीं। टमी टाइम सिर्फ़ जागते हुए और आपकी नज़र के सामने है। बच्चा पेट के बल ऊँघने लगे तो उसे पीठ के बल उसकी अपनी जगह पर लिटा दीजिए।

क्या टमी टाइम से बच्चे की गर्दन मज़बूत होती है?

NICHD के अनुसार इससे गर्दन, कंधे और बाँहों की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं, जो बैठने, घुटनों पर चलने और चलने के काम आती हैं। CDC 2 महीने तक पेट के बल सिर उठाने को पड़ाव बताता है। बच्चा सिर न उठा पा रहा हो या चिंता हो, तो डॉक्टर से बात कीजिए।

बच्चा टमी टाइम में रोने लगे तो क्या करें?

NHS के अनुसार पसंद न आना बहुत आम है। उठा लीजिए और आसान मुद्रा आज़माइए: आपके सीने पर, गोद में या कंधे पर। हर डायपर बदलने पर 1-2 मिनट भी गिने जाते हैं। यह नापसंदगी समस्या लगने लगे तो डॉक्टर या नर्स से पूछ लीजिए।

क्या टमी टाइम से सिर का चपटापन ठीक होता है?

AAP के अनुसार अतिरिक्त टमी टाइम और हेलमेट स्थिति से बने चपटेपन को ठीक कर सकते हैं, पर क्रैनियोसिनोस्टोसिस को नहीं। दोनों में फ़र्क़ डॉक्टर ही बता सकते हैं, इसलिए सिर असमान लगे तो दिखाइए। सिर को आकार देने वाले तकिए सुरक्षित नहीं हैं।